Love is always violence free

Love is always violence free

Shalinee Singh, an Oxfam India Youth Champion from Patna, Bihar expresses her views on ‘Love is always violence free’, the theme of Oxfam India’s ongoing gender campaign Bano Nayi Soch. The campaign aims at questioning social norms that underpin violence against women and girls, making them vulnerable.

क्या मेरा वजूद ,

इतना ही है इस जहां में ?

क्या लड़ नहीं सकती मैं ,

अपने अस्तित्व के लिए ?

या फिर पैदा ही हुई हूं इस गुलिस्तां में ,

अपने संसार से विदा होने के लिए

आज आगमन पर मेरे , रोया सारा जहां है

मन की बस आज यही व्यथा है,

खुदा तू कहां है ?

हे ईश्वर तू बसता कहां है ??

 

क्या आसमा को भी अफ़सोस था ,

तभी तो मेरे आगमन पर रोया था

आखिर गुस्ताखी क्या कि मैंने खुदा ,

जो दिए मुझे बेटी बना

ना डोल ना नगाड़े,

बस बजे तो ताशे थे

क्या मुझ में ऐसा खोट है ,

जो जमाने ने दिया ,मेरे मां-बाप को इतना चोट है

क्या बेटी जनना पाप है ?

यह सोचता, आज हर बेटी का बाप है

मन की बस आज यही व्यथा है _

खुदा तू कहां है

हे ईश्वर तू बस्ता कहां है ??

 

बाबा कि दुलारी कहलाती

इस बात से मैं खुब इतराती

पर जो कभी ढले शाम घर आती

बदचलन ,आवारी और ना जाने कितने नए नाम पाती

इन नामों से जैसे

अब रिश्ते पुराने है

अपनो के बीच रह कर भी

क्यो, क्यो हम गैरों से बेगाने है

मन की बस आज यही व्यथा है _

खुदा तू कहां है

हे ईश्वर तू बस्ता कहां है

 

कैसी दिवाली ,कैसी होली थी

बस बदले में बातों और तानो की बौछार

और सौगात में मिली आंसुओं की झोली थी

कभी मिट्टी के भाव में बिकती ,

तो रोजाना किसी के हवस का शिकार बनती थी

कहते हैं , कि हस्ती मिटती नहीं किसी की _

पर मेरी तो हर रोज एक नहीं हंसती थी

मन की बस आज यही व्यथा है _

खुदा तू कहां है

हे ईश्वर तू बस्ता कहां है

 

आज बिलख-बिलख कर रोती है,

और पूछती हूं इस जहां से _

आज अंत हुआ दुस्साहस का ,

मूर्ख समाज तू उत्तर बता

जा पढ़ ले , महाभारत और रामायण आज _

और देख क्या मिला कभी नारी को सरताज

ये धरती, जहां तू कर रहा चीर हरण ,

उसकी रक्षा हेतु भी एक माता है

इस संपूर्ण सृष्टि कि एक जननी है ,

फिर भी तू देख मनुष्य, तेरी उसके लिए क्या करनी है

सरहद पर जो भी जाता है ,

उसका प्रेम भी भारत हेतु एक माता है

फिर भी बार बार सौ बार, क्यों ये कहा जाता है कि

बेटा ही कुल का यश बढ़ाता है

मन की बस आज यही व्यथा है _

खुदा तू कहां है

हे ईश्वर तू बस्ता कहां है

Gender Justice

We campaign to change patriarchal mindsets that influence violence against women  

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